जालौन (उत्तर प्रदेश): जालौन जिले की माधोगढ़ तहसील इन दिनों भारी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। लगातार हुई बारिश के बाद तहसील परिसर में इतना पानी भर गया है कि पूरा परिसर किसी झील जैसा दिखाई देने लगा है। इस कारण यहां अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी भी भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में यह स्थिति कोई नई नहीं है। हर वर्ष करीब एक महीने तक तहसील परिसर जलमग्न रहता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वर्षा का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे लोगों को पानी के बीच से होकर तहसील कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है।
जलभराव के चलते सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। फरियादियों को अपने जरूरी कार्यों के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रतिदिन जलभराव के बीच कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। हर बारिश में तहसील परिसर में जलभराव हो जाता है, लेकिन अब तक इसके स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। बारिश खत्म होने के बाद मामला शांत हो जाता है और अगले मानसून में फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सके। फिलहाल यह सवाल बना हुआ है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान आखिर कब होगा और इसके लिए जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाएगा।
रिपोर्टर: भीम राजावत
स्थान: जालौन, उत्तर प्रदेश
