US-Iran Deal Near Final Stage: Nuclear Freeze in Exchange for Billions and Hormuz Reopening
United States और Iran के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी कूटनीतिक प्रगति सामने आई है। दोनों देश अब 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जिसका मकसद युद्ध समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्थापित करना है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस का मानना है कि बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम से पीछे हटना होगा, जबकि अमेरिका उस पर लगे कई प्रतिबंधों में राहत देने और फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के फंड को जारी करने पर सहमत हो सकता है।
समझौते के प्रमुख बिंदु
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित 14-पॉइंट डील में कई अहम शर्तें शामिल हैं।
- युद्ध समाप्त करने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
- Strait of Hormuz को दोबारा पूरी तरह खोला जाएगा।
- अगले 30 दिनों में विस्तृत शांति समझौते और परमाणु नियंत्रण व्यवस्था पर बातचीत होगी।
- ईरान धीरे-धीरे शिपिंग पर लगी पाबंदियां हटाएगा, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी कम करेगा।
- ईरान को कई वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकना पड़ सकता है। अमेरिका 20 साल की रोक चाहता है, जबकि ईरान 5 साल की सीमा पर जोर दे रहा है।
- चर्चा में 12 से 15 वर्षों तक परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण का प्रस्ताव भी शामिल है।
- ईरान को यह गारंटी देनी होगी कि वह कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
- भूमिगत परमाणु ठिकानों को बंद रखने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण स्वीकार करने की शर्त भी शामिल है।
- United Nations के निरीक्षकों को अचानक जांच की अनुमति दी जा सकती है।
- ईरान अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को देश से बाहर भेजने पर भी सहमत हो सकता है।
अरबों डॉलर लौटाने की तैयारी
अमेरिका प्रस्तावित डील के तहत दुनिया भर में फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड को चरणबद्ध तरीके से जारी कर सकता है। इसके अलावा आर्थिक प्रतिबंधों में भी राहत दिए जाने की संभावना है।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि बातचीत विफल होती है या ईरान शर्तों का उल्लंघन करता है, तो सैन्य कार्रवाई और नाकाबंदी दोबारा शुरू की जा सकती है।
ट्रंप का बड़ा बयान
Donald Trump ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
ट्रंप ने कहा, “हम उन्हें परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते। जो कुछ भी किया जा रहा है, वह सही कारणों से किया जा रहा है और मुझे लगता है कि यह संकट जल्द समाप्त होगा।”
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह संभावित समझौता पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक तेल व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा।
