‘Operation Epic Fury’ Ends, But Middle East Tensions Remain High: Marco Rubio
Marco Rubio ने ईरान को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाया गया सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन ने अपने सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि अमेरिका किसी नए युद्ध या लंबे संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता और क्षेत्र में शांति बहाल करना उसकी प्राथमिकता है। हालांकि उन्होंने साफ संकेत दिए कि मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
रुबियो ने कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब Iran अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर Donald Trump प्रशासन की शर्तें स्वीकार करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा पूरी तरह खोले।
उन्होंने हालिया सैन्य कार्रवाइयों को “रक्षात्मक कदम” बताते हुए कहा कि अमेरिका ने केवल अपने हितों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्रवाई की।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा
Strait of Hormuz इस समय वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस व्यापार इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ईरान द्वारा आवाजाही सीमित किए जाने के बाद कई जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण तरीके से जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार है। अब तक केवल दो जहाज ही सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजर पाए हैं।
रुबियो ने दावा किया कि करीब 23 हजार नाविक अब भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर रहा है।
चीन समेत कई देशों पर नजर
अमेरिकी विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि China भी ईरान पर दबाव बनाएगा, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट का असर उसकी अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई देश इस तनाव को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन सैन्य और रणनीतिक क्षमता की वजह से अमेरिका को सबसे बड़ी भूमिका निभानी पड़ रही है।
हालांकि फिलहाल संघर्षविराम लागू है, लेकिन मिडिल ईस्ट की स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। United Arab Emirates ने ईरान पर हमलों के आरोप लगाए हैं, जबकि तेहरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ऐसे में युद्ध भले धीमा पड़ा हो, लेकिन क्षेत्र में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
