IAEA Chief Raises Concern Over Iran’s Nuclear Program, Says Large Uranium Stockpile Worrying
नई दिल्ली: इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास न्यूक्लियर-ग्रेड यूरेनियम का बड़ा भंडार मौजूद है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
ग्रॉसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि अभी तक ईरान के परमाणु बम बनाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। हालांकि, हथियार स्तर के करीब एनरिच्ड यूरेनियम का बड़ा स्टॉक और निरीक्षकों को पूरी तरह से जांच की अनुमति न देना चिंता पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि जब तक ईरान बाकी सुरक्षा और निगरानी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह सहयोग नहीं करता, तब तक एजेंसी यह भरोसा नहीं दे सकती कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।
न्यूक्लियर हथियार बनाने का सबूत नहीं
एक इंटरव्यू में ग्रॉसी ने बताया कि IAEA को अब तक ईरान में किसी व्यवस्थित परमाणु हथियार कार्यक्रम के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि लगभग सैन्य स्तर के यूरेनियम का जमा होना और पारदर्शिता की कमी चिंता का विषय है, लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि ईरान तुरंत परमाणु हथियार बनाने की तैयारी कर रहा है।
IAEA तथ्यों के आधार पर करता है आकलन
ग्रॉसी ने कहा कि एजेंसी किसी देश के इरादों का आकलन नहीं करती, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालती है। उनके मुताबिक कई कारणों से चिंता जरूर है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि ईरान तुरंत परमाणु बम बनाने जा रहा है।
IAEA प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका का सैन्य हमला जरूरी था। ट्रंप ने ईरान की सरकार को “खतरनाक” बताते हुए कहा कि अगर उन्हें परमाणु हथियार मिल जाता तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता था।
