US Tests ‘Doomsday’ Missile Amid Iran War, Capable of Striking Anywhere on Earth
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी परमाणु क्षमता वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) मिनुटमैन-III (Minuteman-III) का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल को अक्सर “डूम्सडे मिसाइल” कहा जाता है क्योंकि यह परमाणु हथियार ले जाकर दुनिया के किसी भी हिस्से में भारी तबाही मचा सकती है।
कैलिफोर्निया से किया गया परीक्षण
अमेरिकी वायुसेना ने इस मिसाइल का परीक्षण कैलिफोर्निया के वेंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से किया। यह परीक्षण मिसाइल बिना परमाणु वारहेड के किया गया था, लेकिन इसकी मारक क्षमता और सटीकता की जांच की गई। परीक्षण के दौरान मिसाइल हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर प्रशांत महासागर में निर्धारित लक्ष्य के पास गिरी।
क्यों कहा जाता है ‘Doomsday’ मिसाइल
मिनुटमैन-III को अमेरिका के परमाणु प्रतिरोधक तंत्र का अहम हिस्सा माना जाता है। यह एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और बहुत कम समय में लॉन्च की जा सकती है। इसकी मारक क्षमता 13,000 किलोमीटर तक बताई जाती है और यह कई गुना अधिक शक्तिशाली परमाणु वारहेड ले जा सकती है।
दुनिया के किसी भी हिस्से तक हमला
विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल लगभग 15,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकती है और कुछ ही मिनटों में महाद्वीपों के पार हमला करने की क्षमता रखती है। इसी वजह से इसे अमेरिका के “न्यूक्लियर ट्रायड” का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
युद्ध के बीच क्यों हुआ परीक्षण
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह परीक्षण पहले से निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा था और इसका उद्देश्य मिसाइल प्रणाली की विश्वसनीयता, सटीकता और तैयारी की जांच करना है। हालांकि यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए इसे वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
