US-Iran Tensions Escalate; India and Several Countries Issue Travel Advisories
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों के परिवारों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। संभावित सैन्य टकराव की आशंका के चलते एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी सैन्य गतिविधि
डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने मध्य पूर्व क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। वहीं ओमान, जो बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, ने कहा कि वार्ता में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी बाकी है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच अगली वार्ता वियना में प्रस्तावित है।
ब्रिटेन और अमेरिका की एडवाइजरी
यूनाइटेड किंगडम ने सुरक्षा जोखिम को देखते हुए तेहरान स्थित अपने दूतावास से कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है और दूतावास सीमित रूप से काम कर रहा है।
अमेरिका ने यरुशलम स्थित अपने दूतावास से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को इजरायल छोड़ने की अनुमति दी है।
चीन और जर्मनी ने भी दी चेतावनी
चीन ने इजरायल में मौजूद अपने नागरिकों से सतर्क रहने और ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। जर्मनी ने भी ईरान की सुरक्षा स्थिति को अस्थिर बताते हुए संभावित सैन्य संघर्ष और हवाई सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई है।
भारत समेत कई देशों की सलाह
भारत के तेहरान स्थित दूतावास ने भारतीय नागरिकों को उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने की सलाह दी है। पोलैंड, स्वीडन, सर्बिया और दक्षिण कोरिया ने भी अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद लोगों को जल्द वापस लौटने की चेतावनी जारी की है।
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
