The lack of a bridge over the Gera River has caused widespread public outrage, with roads still being built on both sides of the river for a decade.
गेड़ा नदी पर पुल नहीं बनने से लोगों में भारी आक्रोश, नदी के दोनों किनारे सड़क बनने के एक दशक बाद भी नहीं बना पुल, नदी पार करने में अब तक हो चुकी है कई मौत.
विकास के इस दौर में भी त्रिवेणीगंज के बहेरवा गांव के लोग गेड़ा नदी पर पुल बनाने की करीब एक दशक से मांग कर रहे हैं, बाबजूद ग्रामीणों की मांग सरकार तक नहीं पहुँच पाई है. ग्रामीणों का कहना है की गेड़ा नदी के दोनों ओर हरिहरपट्टी और बहेरबा में बड़ी आवादी रहती है, खेतिवारी से लेकर हाट बाजार, अस्पताल और स्कूल जाने के लिए हर दिन लोगों को नदी के इस पार उस पार आना जाना पड़ता है,
मालुम हो कि गेड़ा नदी के दोनों किनारे तक वर्षों पहले सड़क भी बन चुकी है, लेकिन अब तक गेड़ा नदी पर पुल नहीं बन सका है, जिसका खामियाजा इस पथ से नदी पार कर आने जाने वालों को भुगतना पड़ता है, ग्रामीणों ने कहा की नदी पर पुल नहीं बनने के कारण नदी पार करने के दौरान अब तक चार बच्चों की मौत भी हो चुकी है,
ग्रामीणों ने पुल बनाने के लिए विधायक, सांसद से लेकर संबंधित विभाग तक गुहार लगाया है बाबजूद अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है.ग्रामीणों ने कहा की सबसे ज्यादा परेशानी की बात यह है की गांव में अब लड़कियों का शादी विवाह नहीं हो पा रहा है लोग इस गांव में अपने लड़कों का शादी करना नहीं चाहता है, जिससे गांव के लोगों में काफी आक्रोश है. ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से एक वार फिर बहेरबा में गेड़ा नदी पर पुल बनाने की मांग की है.
