Massive GST Fraud Busted in Agra: 21 FIRs Against 30 Firms, 12 Accused Arrested
आगरा: राज्य कर विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई फर्में बनाकर बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा होने के बाद विभाग ने 30 फर्मों के खिलाफ 21 एफआईआर दर्ज कराई हैं।
राज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन दिनेश गांधी के अनुसार, तीन फर्मों से जुड़े मामलों में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि “शर्मा इंटरप्राइजेज” नाम की फर्म ने केवल कागजी लेनदेन के जरिए करीब 137.06 करोड़ रुपये का आईटीसी प्राप्त किया था। इसके लिए फर्जी किरायानामा और दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जीएसटी पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया था।
इस मामले में 29 जुलाई 2024 को थाना लोहामंडी में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिस व्यक्ति की आईडी और पासवर्ड का उपयोग किया गया था, वह लखनऊ का निवासी है और उसने पहले ही साइबर थाने में अपनी आईडी के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई थी।
करीब दस दिन पहले पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दिलशाद मलिक, रमेश पटेल, अंकुर तिवारी, वसीम, सोहेल, जावेद अली, नवाब और इकरामुद्दीन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का मास्टरमाइंड दिलशाद मलिक है, जिसे मेरठ से गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि प्रकाश ट्रेडर्स और अवधेश ट्रेडर्स नाम की फर्मों के जरिए भी बिना वास्तविक माल के परिवहन के फर्जी आईटीसी का लेनदेन किया गया। प्रकाश ट्रेडर्स ने करीब 1 करोड़ रुपये और अवधेश ट्रेडर्स ने लगभग 6 करोड़ रुपये का आईटीसी गलत तरीके से पास किया। इस मामले में अवधेश ट्रेडर्स से जुड़े गोविंद गोयल, तुषार सारस्वत और कपिल शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि प्रकाश ट्रेडर्स मामले में रवि सिंह को बुलंदशहर से पकड़ा गया।
राज्य कर विभाग के अनुसार फर्जी फर्मों के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, पैन, आधार, पते के प्रमाण, बिजली बिल और आईपी एड्रेस से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है। इस पूरे मामले की जांच राज्य कर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कर रही है और आगे भी कार्रवाई जारी है।
