Mass Meditation Held Near Mahabodhi Temple at Niranjana River, Thousands of Devotees Participate
बिहार। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल महाबोधि मंदिर के सामने निरंजना नदी के तट पर छठा अंतर्राष्ट्रीय मेगा सुण्या कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सुन्यति इंटरनेशनल द्वारा किया गया,
इस अंतरराष्ट्रीय आंदोलन को आध्यात्मिक मार्गदर्शन डॉ. लिम सिओ जिन उर्फ ध्यानाचार्य नागजीव दे रहे हैं, जो आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र और प्रतिष्ठित उद्यमी हैं। भारत, नेपाल सहित कई देशों से हजारों साधकों ने इस आयोजन में भाग लिया है.
‘सुण्या’ भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित प्राचीन ध्यान पद्धति पर आधारित है, जिसमें शांत ध्यान और विपश्यना की परंपराएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य आंतरिक शांति, संतुलन और जागरूकता के माध्यम से मानवता को दुखों से मुक्ति की ओर प्रेरित करना है। इस मौके पर सून्याती इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक राजेश सवेरा ने कहा कि , यह मेगा इवेंट सामूहिक ध्यान, वैश्विक शांति और मानव कल्याण के संकल्प को सशक्त करेगा, खासकर आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में ध्यान की आवश्यकता को रेखांकित करेगा।
उन्होंने कहा कि आज यहां हर प्रांत के लोग हर जाति और वर्ग के लोग यहां बैठे हुए हैं और कुछ समय के लिए ध्यान करेंगे यह स्थान नदी जहां भगवान बुद्ध पहली बार आए थे तब उन्हें यह बोध हुआ की इस शरीर को कष्ट देकर मुक्ति नहीं मिल सकती बल्कि मुक्ति का मार्ग केवल ध्यान से ही संभव है, हमें अपने कर्तव्यों को पालन करते हुए ही हमें मुक्ति के इस सफर को आगे बढ़ाना है।
भारत में गुरुकुल पद्धति से हर प्रकार का ज्ञान साझा किया जाता था यही कारण है कि हमारी संस्कृति इतनी मजबूत रही हमारे पास नालंदा, तक्षशिला और श्री पर्वत जैसे 2000 से भी ज्यादा विश्वविद्यालय थे आज जो भारतीय ज्ञान अन्य देशों के पास सुरक्षित है हम उसे वापस ला रहे हैं, हम इन ताड़ पत्रों और सूत्रों का अनुवाद हिंदी अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में कर रहे हैं ताकि भारत किया अनमोल ज्ञान की धरोहर फिर से हमारे पास हो।गया जी से ब्यूरो प्रभारी आर के निराला की रिपोर्ट.
