Israel Strikes Hezbollah Bases in Beirut; Iran Targets US Airbase in Bahrain
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तेज हो गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद अब ईरान और उसके सहयोगी संगठनों की ओर से जवाबी कार्रवाई की जा रही है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद लेबनान स्थित उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी इस संघर्ष में सक्रिय हो गया है।
बेरूत में इजरायली एयरस्ट्राइक
हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल में हमलों के बाद इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियाह इलाके में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों के कारण हजारों लोगों के बेघर होने की खबर है। स्थिति को देखते हुए कई स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं और इन भवनों का इस्तेमाल विस्थापित लोगों को शरण देने के लिए किया जा रहा है।
इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में भी हवाई हमले किए। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सरकारी टीवी प्रतिष्ठान को भी निशाना बनाया गया। इजरायल की ओर से ईरान और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार कार्रवाई जारी है।
ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया। IRGC के अनुसार, 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे बेस के कमांड और मुख्यालय भवन को नुकसान पहुंचा और ईंधन टैंक में आग लग गई। हालांकि, बहरीन की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इसके अलावा IRGC ने रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमले का दावा किया है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में सीमित नुकसान हुआ है। ईरान ने यह भी कहा है कि होर्मुज जलमार्ग को बंद कर दिया गया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं हिजबुल्लाह के युद्ध में शामिल होने के बाद इजरायल ने उसके ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं।
दोनों पक्षों की ओर से जारी सैन्य कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में हालात अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं।
