Iranian Warship IRIS-Dena Received Warning Before Attack
तेहरान: श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में डूबे ईरानी युद्धपोत IRIS-Dena को हमले से पहले चेतावनी मिलने का दावा किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हमले से ठीक पहले जहाज पर मौजूद एक ईरानी नाविक ने अपने परिवार से फोन पर बातचीत कर इस चेतावनी की जानकारी दी थी।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने 4 मार्च को श्रीलंका के गाले तट से करीब 19 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में टॉरपीडो हमला कर ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया था। इस हमले में 80 से अधिक ईरानी नाविकों की मौत हो गई, जबकि 32 नाविकों को श्रीलंका की नौसेना ने बचा लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, हमले में मारे गए एक नाविक ने अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बात करते हुए बताया था कि अमेरिकी सेना ने जहाज के क्रू को पहले ही जहाज छोड़ने की चेतावनी दी थी। हालांकि जहाज के कमांडर ने खतरे के बावजूद क्रू को जहाज छोड़ने की अनुमति नहीं दी।
सूत्रों के मुताबिक, कमांडर के इस फैसले के बाद कुछ नाविकों ने आपत्ति भी जताई थी। हमले के बाद जो 32 नाविक बच पाए, उनमें ज्यादातर वे लोग थे जो समय रहते लाइफबोट के जरिए जहाज से निकलने में सफल रहे।
इस बीच खबर है कि अमेरिका ने श्रीलंका पर दबाव बनाया है कि हमले में बचे ईरानी नाविकों को तुरंत ईरान वापस न भेजा जाए। अमेरिकी विदेश विभाग के एक आंतरिक संदेश के मुताबिक, श्रीलंका से अनुरोध किया गया है कि बचाए गए नाविकों को फिलहाल ईरान भेजने से रोका जाए।
बताया जा रहा है कि दूसरे ईरानी युद्धपोत IRIS बुशहर को भी मानवीय आधार पर श्रीलंका के जलक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इस जहाज पर सवार 200 से अधिक नाविक फिलहाल श्रीलंका की निगरानी में हैं।
