Iran Warns US After Attack on Warship IRIS Dena, Says ‘America Will Regret It’
तेहरान: हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर हुए हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के तट से करीब 2000 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हमला किया है।
ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि फ्रिगेट डेना भारत की नौसेना का मेहमान जहाज था और उसमें करीब 130 नाविक सवार थे। उन्होंने कहा कि जहाज पर बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया और इसके लिए अमेरिका को भविष्य में पछताना पड़ेगा।
हमले में कई नाविकों की मौत
रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में जहाज पर सवार कई लोगों की मौत हुई है। श्रीलंका की नौसेना ने बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को समुद्र से निकाला। अधिकारियों के मुताबिक 87 शव बरामद किए गए हैं और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
बताया जा रहा है कि यह जहाज भारत के साथ एक नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
श्रीलंका के तट के पास हुआ हमला
बुधवार को श्रीलंका के तट के पास इस घटना के बाद श्रीलंकाई सेना ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने संसद को बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ उसकी पहचान IRIS Dena के रूप में हुई है।
अधिकारियों के अनुसार श्रीलंका की नौसेना को जहाज से एक आपातकालीन संदेश मिला था, जिसके बाद एयर फोर्स की मदद से समुद्र में राहत अभियान चलाया गया।
अमेरिका ने क्या कहा
अमेरिका के रक्षा सचिव ने पुष्टि की कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो के जरिए ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने उस जहाज को टॉरपीडो से डुबो दिया, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद था।
रिपोर्ट के मुताबिक यह युद्धपोत पहले भारत द्वारा आयोजित ‘मिलान’ बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था, जो बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया था।
