Fruits, Dry Fruits, Soybean Oil and Liquor May Get Cheaper After US Trade Deal
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस समझौते के बाद कपड़ा, कालीन, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी और सीफूड जैसे सेक्टरों में एक बार फिर अमेरिकी बाजार से ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
गर्मियों के सीजन के लिए शिपमेंट भेजने के बाद कई निर्यातक अगले सीजन के ऑर्डर को लेकर चिंतित थे। अमेरिका की ओर से पहले लगाए गए ऊंचे टैरिफ के कारण बीते कुछ महीनों में छोटे निर्यातकों ने अपना शिपमेंट लगभग बंद कर दिया था। वहीं, कुछ बड़े निर्यातक नुकसान सहते हुए भी बाजार में बने रहे।
अब अमेरिका द्वारा भारत पर पारस्परिक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने के एलान से हालात बदलने की उम्मीद है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी।
कपड़ा, कालीन और लेदर सेक्टर को मिलेगा फायदा
कपड़ा उद्योग के लिहाज से भारत को बांग्लादेश और श्रीलंका पर बढ़त मिलती नजर आ रही है। जहां बांग्लादेश और श्रीलंका में बने कपड़ों पर अमेरिका में 20 प्रतिशत टैक्स लगता है, वहीं भारतीय कपड़ों पर कम टैरिफ लागू होगा।
कालीन सेक्टर में भारत का मुकाबला तुर्किए से है, जबकि अमेरिकी बाजार में भारतीय झींगा (श्रिम्प) भी अब पहले से ज्यादा किफायती हो जाएगा।
इसके अलावा, जेम्स और ज्वेलरी निर्यातकों को भी इस डील से बड़ा फायदा मिलने की संभावना है। चीन के उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 34 प्रतिशत टैरिफ के मुकाबले भारत पर 18 प्रतिशत शुल्क भारतीय उत्पादों की मांग को और बढ़ा सकता है।
हालांकि, सभी सेक्टरों को पूरी राहत नहीं मिली है। ऑटो पार्ट्स और मेटल जैसे कुछ क्षेत्रों पर सेक्टोरल टैरिफ फिलहाल बने रहेंगे।
कुछ सेक्टर पहले से ही सुरक्षित रहे
आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से नवंबर के बीच अमेरिका को भारत का निर्यात 11.3 प्रतिशत बढ़कर 59 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट दोगुना होकर 16.7 अरब डॉलर हो गया।
ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का असर इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा समेत भारत के लगभग 40 प्रतिशत निर्यात पर नहीं पड़ा।
इसके अलावा, भारत ने यूके और यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड डील साइन कर अपने निर्यात बाजारों में विविधता बनाई है, जिससे भविष्य में अमेरिका की नीतियों में बदलाव का असर सीमित रहेगा। हालांकि, ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किए गए कुछ दावों पर अभी तक भारतीय अधिकारियों की ओर से पूरी तरह प्रतिक्रिया नहीं आई है।
