Ghaziabad Tops List of India’s Most Polluted Cities in January, Delhi Ranks Second
नई दिल्ली। जनवरी महीने में सर्दियों के बावजूद देशभर में वायु प्रदूषण गंभीर बना रहा, खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हालात चिंताजनक रहे। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, निगरानी किए गए करीब आधे शहरों में PM2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानकों से ऊपर दर्ज किया गया।
गाजियाबाद सबसे प्रदूषित, दिल्ली दूसरे नंबर पर
CREA की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां PM2.5 का औसत स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय मानक से करीब तीन गुना अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजियाबाद में पूरे महीने एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब प्रदूषण दैनिक मानकों के भीतर रहा हो।
गाजियाबाद के बाद दिल्ली दूसरे स्थान पर रही। जनवरी में राजधानी में 27 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। इसके बाद नोएडा, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल रहे।
WHO के मानकों पर कोई भी शहर खरा नहीं
देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों में धरूहेड़ा छठे स्थान पर रहा, जबकि सिंगरौली, भिवाड़ी, नार्नौल और गंगटोक भी सूची में शामिल हैं। इन 10 में से छह शहर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के हैं।
248 शहरों के आंकड़ों में से 123 शहरों में PM2.5 का स्तर राष्ट्रीय सीमा से अधिक पाया गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कोई भी भारतीय शहर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित मानकों पर खरा नहीं उतर सका।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) से जुड़े 97 शहरों में से 46 ने मानकों का उल्लंघन किया, जबकि गैर-NCAP शहरों में 151 में से सभी शहर WHO मानकों से ऊपर पाए गए।
देश के 10 सबसे प्रदूषित शहर
- गाजियाबाद
- दिल्ली
- नोएडा
- गुरुग्राम
- ग्रेटर नोएडा
- धरूहेड़ा
- सिंगरौली
- भिवाड़ी
- नार्नौल
- गंगटोक
राज्यों की स्थिति
राज्यवार आंकड़ों में राजस्थान सबसे आगे रहा, जहां 34 में से 23 शहरों में प्रदूषण मानकों का उल्लंघन हुआ। इसके बाद हरियाणा, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश का स्थान रहा।
केवल 21 शहरों में साफ हवा
देशभर में सिर्फ 21 शहरों में हवा ‘अच्छी’ श्रेणी में रही। 103 शहरों में हवा ‘संतोषजनक’, 92 में ‘मध्यम’, जबकि 32 शहरों में ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ रही। मध्य प्रदेश का दमोह सबसे साफ शहर रहा, जहां औसत PM2.5 स्तर 17 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
महानगरों की बात करें तो दिल्ली और कोलकाता प्रदूषण मानकों से ऊपर रहे, जबकि चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु सीमा के भीतर दर्ज किए गए।
