Elon Musk Faces Setback: X Must Change Its Verification System
यूरोपीय यूनियन ने Elon Musk की सोशल मीडिया कंपनी X (formerly Twitter) को बड़ा झटका दिया है। European Commission ने प्लेटफॉर्म पर 120 मिलियन यूरो (लगभग 1277 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को अपने वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव करने का निर्देश भी दिया गया है।
कंपनी ने यूरोपीय आयोग के आदेश को स्वीकार कर लिया है और बताया है कि वह जल्द ही अपने ब्लू टिक वेरिफिकेशन सिस्टम में सुधार करेगी।
वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव की तैयारी
X ने यूरोपीय आयोग के सामने ब्लू टिक वेरिफिकेशन सिस्टम को लेकर कुछ नए प्रस्ताव पेश किए हैं। यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता Thomas Regnier ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म द्वारा सुझाए गए नए उपायों का आयोग सावधानी से मूल्यांकन करेगा। हालांकि, अभी इन प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला
यूरोपीय यूनियन ने पिछले साल दिसंबर में X (formerly Twitter) पर कार्रवाई की थी। जांच में पाया गया कि प्लेटफॉर्म ने Digital Services Act के तहत तय कंटेंट मॉडरेशन नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया।
विशेष रूप से पेड ब्लू टिक वेरिफिकेशन सिस्टम को भ्रामक माना गया, क्योंकि इससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सा अकाउंट वास्तव में विश्वसनीय है।
किसे मिलता है ब्लू टिक
फिलहाल X पर पेड सब्सक्रिप्शन लेने वाले लगभग सभी यूजर्स को ब्लू टिक मिल सकता है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। पहले यह वेरिफिकेशन केवल सेलिब्रिटी, सरकारी संस्थान, मीडिया एजेंसियों और पत्रकारों को दिया जाता था।
साल 2022 के बाद से पेड मॉडल आने के बाद ब्लू टिक सभी सब्सक्राइबर यूजर्स के लिए उपलब्ध हो गया।
क्या आई समस्या
यूरोपीय यूनियन के Digital Services Act के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन और पारदर्शिता जरूरी है। लेकिन X पर पेड ब्लू टिक होने की वजह से यह पहचानना कठिन हो गया कि अकाउंट असली व्यक्ति का है या किसी बॉट का।
इससे प्लेटफॉर्म के पब्लिक डेटा का विश्लेषण करना भी मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से यूरोपीय यूनियन ने कंपनी पर जुर्माना लगाया और वेरिफिकेशन सिस्टम में सुधार करने का आदेश दिया।
सुधार के लिए दी गई थी समय सीमा
यूरोपीय आयोग ने X (formerly Twitter) को 12 मार्च 2026 तक सिस्टम में बदलाव करने का समय दिया था। साथ ही 16 मार्च 2026 तक फाइनेंशियल गारंटी जमा करने की डेडलाइन तय की गई थी।
इस कार्रवाई पर United States की सरकार ने नाराजगी जताई और जवाबी कदम के तौर पर यूरोपीय यूनियन के नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी।
