Bahraich: Nationwide protest by employees against changes in labor laws
बहराइच। में आज केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और नए लेबर कोड के विरोध में कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया और प्रधानमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। क्या हैं कर्मचारियों की मांगें और क्यों हो रहा है विरोध।
बहराइच जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर उस समय आंदोलन का केंद्र बन गया, जब ‘यूपीएमएसआरए’ यानी UPMSRA के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए।
कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों और नए लेबर कोड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन के सदस्य अमरेंद्र पांडेय ने बताया कि यह आंदोलन देशव्यापी हड़ताल का हिस्सा है, जिसमें बैंक, एलआईसी और रेलवे जैसे कई बड़े संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार 1976 के पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू कर रही है, जो श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ‘फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट’ जैसी व्यवस्थाएं श्रमिकों को असुरक्षित बनाती हैं और उन्हें बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति की ओर धकेलती हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।“यह आंदोलन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है… सरकार को श्रमिक विरोधी नीतियां वापस लेनी होंगी…”फिलहाल ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी दर्ज करा दी है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
