Amid War Tensions, Relief for India as Cargo Ship from UAE Reaches Karnataka Port
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच India के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात से रवाना हुआ मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से Karwar Port, Karnataka पहुंच गया है। यह जहाज लगभग 3,100 टन बिटुमेन (तारकोल) की खेप लेकर आया है, जो सड़क निर्माण और अन्य औद्योगिक कामों में इस्तेमाल होता है।
यह मालवाहक जहाज Cheng X cargo ship 3 मार्च को Khor Fakkan Port, United Arab Emirates से रवाना हुआ था। लगभग 10 दिनों की समुद्री यात्रा के बाद यह अरब सागर के रास्ते सुरक्षित रूप से भारत पहुंचा।
कूटनीतिक प्रयासों का असर
माना जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक कोशिशों का असर दिखाई दे रहा है। Narendra Modi की Iran के राष्ट्रपति से बातचीत और S. Jaishankar की ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi के साथ चर्चा के बाद हालात में कुछ राहत मिली है।
इसी के चलते भारत का एक टैंकर भी सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से गुजरने में सफल रहा।
कठिन हालात में पूरा हुआ सफर
बंदरगाह अधिकारियों के मुताबिक, जहाज ने लगभग दो हफ्तों की समुद्री यात्रा पूरी की। इस दौरान उसे क्षेत्र में बढ़े तनाव और व्यापारिक पाबंदियों के बीच से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद जहाज सुरक्षित रूप से कारवार बंदरगाह पहुंच गया।
सामान्य से कम हुई जहाजों की आवाजाही
आमतौर पर Karwar Port पर हर महीने खाड़ी देशों से बिटुमेन लेकर आने वाले 5 से 8 जहाज नियमित रूप से पहुंचते हैं। लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण इन जहाजों की संख्या में काफी गिरावट आई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय टैंकर
बताया जा रहा है कि फिलहाल Strait of Hormuz के आसपास भारत के करीब 27 टैंकर फंसे हुए हैं। अगर ईरान के साथ समझौता हो जाता है और जहाजों के सुरक्षित आवागमन की गारंटी मिलती है, तो इससे भारत को बड़ा फायदा होगा।
इससे कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य हो सकती है। साथ ही इस क्षेत्र में फंसे करीब 23 हजार नाविकों की सुरक्षित वापसी का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई को लेकर लोगों की चिंताएं भी कम होंगी।
