Akhilesh Yadav Attends Iftar Party in Lucknow, Calls It Symbol of Ganga-Jamuni Culture
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में माइनॉरिटी डेवलपमेंट फोरम की ओर से रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए।
इफ्तार कार्यक्रम में अखिलेश यादव के साथ इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली भी मौजूद रहे। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न उलमा, जिनमें मौलाना सूफियान निजामी भी शामिल थे, कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
‘रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की पहचान’
इफ्तार पार्टी के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की पहचान है और यह गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे से मिलने और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में लोगों ने होली पर एक-दूसरे को गले लगाया और कुछ दिनों बाद ईद पर भी लोग एक-दूसरे से मिलेंगे।
नीतीश कुमार पर भी दिया बयान
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती थी कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब ऐसा लगता है कि वह राज्यसभा में ही अपने राजनीतिक जीवन का समापन करेंगे।
युद्ध के खिलाफ बोले सपा प्रमुख
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी युद्ध के पक्ष में नहीं है, क्योंकि युद्ध के परिणाम हमेशा दुखद होते हैं। ईरान और इजरायल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में चुप नजर आ रही है।
सरकार की विदेश नीति पर सवाल
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो विदेश नीति दिखाई दे रही है, असल में वैसी नहीं है और इससे भारत कई मामलों में उलझ गया है। उन्होंने लोगों को बीजेपी से सावधान रहने की भी सलाह दी।
शंकराचार्य प्रकरण पर भी बोले
अखिलेश यादव ने कहा कि सभी साधु-संतों को शंकराचार्य जी का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों का अपमान करती है और इतिहास में पहली बार किसी शंकराचार्य को इस तरह अपमानित किया गया है।
