A deadly disease has spread among cattle in Chiraiyapur village of Auraiya district, resulting in the death of more than a dozen buffaloes.
खबर औरैया से है जहाँ विकासखण्ड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत खोयला के चिरैयापुर गांव के पशुओं में पिछले कई दिनों से एक जान लेवा बीमारी तेजी से फैल रही है जहां इस बीमारी ने अबतक गांव में एक दर्जन से अधिक पशुओं को मौत की नींद में सुला दिया है अचानक हुई पशुओं की मौतों से पशुपालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी बहुत तेजी से फैल रही है लेकिन अब तक गांव में न तो कोई पशु डॉक्टर पहुंचा है और न ही गांव में पशुओं के टीकाकरण की कोई व्यवस्था की गई। हालात यह हैं कि बीमार पशुओं को देखने वाला तक कोई जिम्मेदार अधिकारी अबतक गांव में नहीं आया। वहीं कई ग्रामीणों ने बताया है कि बीते चार वर्षों से गांव में पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है और न ही पिछले चार सालों से कोई भी सरकारी पशु डॉक्टर गांव में आया है अगर कोई आया होता तो बीमारी फैलने से पहले समय रहते पशुओं का इलाज हो जाता।

पशुपालकों ने बताया कि मरने वाली कई भैंसों की कीमत 70 हजार रुपये से अधिक थी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग में पशुपालकों की कमर टूट गई है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग की लापरवाही को इस दर्दनाक स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है।ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी गांव में कई पशु बीमार हैं और अगर समय रहते उन पशुओं का इलाज न हुआ तो पशुओं के मरने की संख्या और बढ़ सकती है।मरने वाले पशुओं को ग्रामीणों ने गाँव के बाहर गड्ढा खोदकर दबा दिया है,जबकि कुछ ग्रामीणों ने नदी किनारे गड्ढा खोदकर मरे हुए पशुओं को दबाया है जिन्हें आवारा जानवर नोचकर खा रहे हैं।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में तत्काल पशु चिकित्सक की टीम भेजने की मांग की है ताकि बीमार पशुओं का इलाज हो सके और मृत पशुओं के नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए जिससे पशुपालकों को कुछ राहत मिल सके।
इस सम्बंध में जब भाग्यनगर पशु अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर बी.बी.यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि पशुओं के टीकाकरण के लिए टीमे गाँव मे भेजी जाती हैं, टीकाकरण शुरु हो चुका है जल्द ही टीम गाँव मे भेजी जायेगी।
