बहराइच। से इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अब भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है।
बहराइच। से इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अब भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। जिले में करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियों की हकीकत ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम पंचायत बालासराय, जहाँ जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बन चुकी है।
करीब 6–7 साल पहले बनी इस टंकी की पाइपलाइन जगह-जगह से फट चुकी है, जिससे सड़कों पर लगातार जलभराव हो रहा है। गाँव की गलियाँ तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इस पूरे मामले को लेकर गांव के निवासी अशोक कुमार ने विभाग और प्रशासन पर सीधे-सीधे गंभीर आरोप लगाए हैं।
अशोक कुमार का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, यहाँ तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी कॉल किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला—जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।“पानी की टंकी बनी लेकिन घटिया काम हुआ। पाइप फट रहे हैं, सड़कें खराब हो गईं। कई बार शिकायत की, 1076 पर भी कॉल किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
प्रशासन से निराश होकर अब अशोक कुमार ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पाँच ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सैकड़ों ग्रामीणों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे अपने स्वर्गीय पिता की लाठी लेकर बहराइच से लखनऊ तक पैदल पदयात्रा करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी पीड़ा रखेंगे।
सवाल ये है कि क्या जल जीवन मिशन के नाम पर हुए इस कथित भ्रष्टाचार की होगी जांच? या फिर ग्रामीणों को ऐसे ही बदहाल हालात में जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?
